जानें Passkeys क्या हैं, कैसे वे बायोमेट्रिक्स या डिवाइस PIN से सुरक्षित पासवर्डलेस लॉगिन प्रदान करते हैं और ऑनलाइन सुरक्षा व उपयोगिता कैसे बढ़ाते हैं।

Vincent
Created: January 8, 2026
Updated: January 9, 2026
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Passkeys passwordless authentication का एक आधुनिक और सुरक्षित तरीका है जो पारंपरिक पासवर्ड की जगह लेता है। अब आप लंबे और मुश्किल पासवर्ड याद रखने या टाइप करने के बजाय, Face ID या Touch ID जैसे बायोमेट्रिक्स या डिवाइस PIN का उपयोग करके लॉग इन कर सकते हैं। यह तरीका पासवर्ड की ज़रूरत को खत्म करके सुरक्षा और यूजर एक्सपीरियंस दोनों को बेहतर बनाता है, क्योंकि पासवर्ड अक्सर साइबर हमलों का शिकार हो जाते हैं।
Passkeys एक तरह का passwordless authentication है जिसे सुरक्षा और उपयोगिता (usability) को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। पारंपरिक पासवर्ड के विपरीत, जहाँ users को कई जटिल कैरेक्टर स्ट्रिंग्स याद रखनी पड़ती हैं, passkeys उस चीज़ पर निर्भर करते हैं जो user के पास पहले से है (एक डिवाइस) और जो user खुद है (बायोमेट्रिक्स)। इसलिए यह एक प्रकार का 2FA है। यह कॉम्बिनेशन हैकर्स के लिए user अकाउंट्स तक अवैध पहुँच बनाना काफी मुश्किल बना देता है।
Passkeys पब्लिक-की क्रिप्टोग्राफी (public-key cryptography) का उपयोग करते हैं, जहाँ दो keys जनरेट होती हैं - एक पब्लिक की (public key) जो सर्वर पर स्टोर होती है और एक प्राइवेट की (private key) जो सुरक्षित रूप से user के डिवाइस पर रहती है। जब कोई user लॉग इन करना चाहता है, तो सर्वर एक challenge भेजता है जिसका जवाब केवल सही private key से ही दिया जा सकता है। चूंकि private key कभी भी user के डिवाइस से बाहर नहीं जाती, इसलिए इसे बीच में रोका (intercept) या चुराया नहीं जा सकता।
पारंपरिक पासवर्ड सिस्टम में इंसानी गलतियों की गुंजाइश रहती है—users अक्सर कमज़ोर पासवर्ड बनाते हैं या एक ही पासवर्ड को कई अकाउंट्स के लिए इस्तेमाल करते हैं। Passkeys पासवर्ड की ज़रूरत को पूरी तरह खत्म करके इन कमियों को दूर करते हैं। बायोमेट्रिक्स और डिवाइस-स्पेसिफिक keys का लाभ उठाकर, passkeys एक अधिक सुरक्षित और user-friendly authentication का तरीका प्रदान करते हैं, जो एक सुरक्षित डिजिटल माहौल तैयार करता है।
डेवलपर्स के लिए, passkeys को लागू करने का मतलब है WebAuthn और FIDO2 जैसे मानकों (standards) को इंटीग्रेट करना। ये मानक सुनिश्चित करते हैं कि passkeys अलग-अलग ब्राउज़रों और डिवाइसों पर आसानी से काम कर सकें, जिससे ये आधुनिक ऑथेंटिकेशन ज़रूरतों के लिए एक भविष्य के लिए तैयार (future-proof) समाधान बन जाते हैं।